‘ये राजीव गांधी का लाया बिल है, मैं इसका समर्थन करती हूं’, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बोलीं सोनिया गांधी

Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023: सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजीव गांधी लेकर आए थे, जो गिर गया था। ये मेरे जीवन का भी एक भावनात्मक क्षण है। कांग्रेस की मांग है कि बिल को फौरन अमल में लाया जाए।

Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023

महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023) को लेकर सोनिया गांधी ने लोकसभा में अपना पक्ष रखा। लोकसभा के स्पेशल सेशन में बुधवार को चर्चा के दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की ओर से, मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के समर्थन में खड़ी हूं।

साथ ही सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजीव गांधी लेकर आए थे, जो गिर गया था। ये मेरे जीवन का भी एक भावनात्मक क्षण है। कांग्रेस की मांग है कि बिल को फौरन अमल में लाया जाए। साथ ही पहले जातिगत जनगणना कराकर OBC महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए।

राजीव गांधी का सपना आंशिक रूप से पूरा हुआ

सोनिया गांधी ने कहा कि बाद में, पीएम पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने इसे राज्यसभा में पारित कर दिया। परिणामस्वरूप, हमारे पास स्थानीय निकायों के माध्यम से देश भर में 15 लाख निर्वाचित महिला नेता हैं। राजीव गांधी का सपना केवल आंशिक रूप से पूरा हुआ है। यह इस विधेयक के पारित होने के साथ पूरा हो जाएगा।

सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है। विधेयक के पारित होने को लेकर हम खुश हैं लेकिन हमें चिंता भी है। मैं एक सवाल पूछना चाहती हूं कि भारतीय महिलाएं पिछले 13 साल से अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों का इंतजार कर रही हैं। अब उन्हें कुछ साल और इंतजार करने को कहा जा रहा है। कितने साल? क्या भारतीय महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? कांग्रेस की मांग है कि बिल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए लेकिन जाति जनगणना भी कराई जाए और आरक्षण की व्यवस्था की जाए।

इससे पहले कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब कल (मंगलवार) मैं संविधान (संविधान की नई प्रतियां) पढ़ रहा था तो मुझे ये (धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी) दो शब्द नहीं मिले। तब मैंने इन्हें अपने आप से जोड़ दिया और उसके बाद मैंने इसे राहुल गांधी को भी दिखाया। इसमें 1976 में संशोधन किया गया था, तो हमें आज संशोधन क्यों नहीं मिलेगा। हम संशोधन क्यों करते हैं? यह हमारे संविधान को बदलने की जानबूझकर की गई कोशिश को दर्शाता है।

वहीं, सांसदों को दी गई संविधान की प्रतियों पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि प्रस्तावना में यह (‘समाजवादी धर्मनिरपेक्ष’ शब्द) नहीं था।

हमारी मांग है कि ये बिल तुरंत पास किया जाए-सोनिया गांधी

सोनिया गांधी कहा- कांग्रेस पार्टी इस बिल का समर्थन करती है। हमें इस बिल के पास होने की खुशी हैं, लेकिन एक चिंता भी है। मैं सवाल पूछना चाहती हूं कि पिछले 13 साल से महिलाएं राजनीतिक जिम्मेदारी का इंतजार कर रही हैं। अभी उनसे और इंतजार करने के लिए किया जा रहा है। 2 साल, 4 साल, 6 साल कितने साल का ये इंतजार हो। हमारी मांग है कि ये बिल तुरंत पास किया जाए। लेकिन जातिगत जनगणना कराकर एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण की व्यवस्था की जाए। सरकार को इसे पूरा करने के लिए जो कदम उठाने की जरूरत है, उसे उठाने चाहिए। इस बिल में देरी नहीं करना महिलाओं के लिए अन्याय होगा।